"'आओ जीवन संवारें ' के माध्यम से अशोक वशिष्ठ ने भारतीय दर्शन, ज्ञान, साहित्य, प्राचीन समाज व नैतिक मूल्यों से परिचित करवाने का सराहनीय प्रयास किया है। आधुनिक तकनीक व यंत्रों ने मानव जीवन को जटिल बना दिया है। उपभोक्तावादी संस्कृति में नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है; स्वार्थ , परमार्थ पर हावी हो रहा है; समाज में संवेदनशीलता घटती जा रही है; ऐसे निराश-हताश, नकारात्मक व कपटपूर्ण वातावरण से यह पुस्तक पाठकों को सहयोग, सकारात्मकता, प्यार-प्रेम, परोपकार, उत्साह की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध होगी। शिक्षण के साथ सामाजिक सरोकारों व शैक्षिक नवाचारों में प्रवक्ता अशोक वशिष्ठ लगातार सक्रिय हैं। इन्होंने हरियाणा शिक्षा विभाग में अनेक कार्यक्रमों, परियोजनाओं, प्रशिक्षणों तथा प्रतियोगिताओं के क्रियान्वयन में अपना अप्रतिम योगदान दिया है। जिला संगठन आयुक्त के दायित्व को निभाते हुए स्काउटिंग गतिविधियों से छात्रों व शिक्षकों को लाभान्वित किया है। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी के रूप में विद्यालय, जिला व राज्य स्तरीय शिविर के सफल आयोजनों में सहयोग रहा । इन्होंने छात्रों की विभिन्न सामाजिक गतिविधियों व राष्ट्रीय अभियानों में भागीदारी सुनिश्चित की। ये प्रत्येक वर्ष हिंदी दिवस पर बाल - कवि सम्मेलन का आयोजन कर बाल प्रतिभाओं को तराशकर उनके भाषाई कौशलों को विकसित करने हेतु मंच उपलब्ध कराते हैं। इनके लेख और शोधपत्र विभिन्न समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। शिक्षाविद् वशिष्ठ ने कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में भागीदारी की है। आकाशवाणी पर इनसे भेंटवार्ता व साक्षात्कार का प्रसारण हुआ है। विभिन्न संस्थाओं द्वारा इन्हें अनेक बार शैक्षिक, सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर द्वारा वर्ष 2020 के लिए अशोक वशिष्ठ को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।"
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