किसान की रोटी । समर्पित। वर्तमान समय हर दृष्टि से प्रदूषण युक्त। विषाक्त। दूषित बना हुआ है। जन जीवन आधुनिकता के नाम पर असंयमी अनियत तथा रोगी बना हुआ है। इसे विकट समय में लुटेरे यमराज अनेकों डाक्टर लोभ में अंधे केवल लुटने पर तुले होते हैं। दर दिखा कर असाध्य बीमारी लाद दी जाती है। ऐसे ही समय में एक प्रत्यक्ष स्वदेशी आंदोलन के लिए समर्पित वैद्य जी से मुलाकात हुई। किसी के लिए क्या है मैने नही देखा किंतु वे मेरे लिए प्रत्यक्ष भगवान ही है। ऐसे डाक्टर दीपक शर्मा जी अटेली मंडी हरियाणा वाले के प्रति ऋणी हूं। उन्ही के लिए यह पुस्तक समर्पित है। पू गुरुदेव का संरक्षण। स्व राजीव दीक्षित का ज्ञान भण्डार धरोहर के लिए आभारी हूं। नारायण प्रसाद रानाडे।24/3/23
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