मेरे शहर का मौसम
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""हर शहर की एक धड़कन होती है, और हर मौसम उसकी एक कविता..."" ""मेरे शहर का मौसम"" एक ऐसा काव्य संग्रह है, जो दिल की गहराइयों से निकले उन एहसासों को समेटे हुए है, जिन्हें हम रोज़मर्रा की भागदौड़ में अनदेखा कर देते हैं। यह संग्रह शहर की गलियों, बदलते मौसम, टूटते-बनते रिश्तों और नर्म एहसासों की कविताओं से बुना गया है। हर कविता में कहीं न कहीं आपका अपना कोई लम्हा छिपा होगा-कभी बचपन की धूप, कभी अकेलेपन की ठंडी हवा, तो कभी प्यार की बारिश। यह संग्रह आपको खुद से, अपने शहर से और अपने जज्बातों से फिर से जोड़ देगा।
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""हर शहर की एक धड़कन होती है, और हर मौसम उसकी एक कविता..."" ""मेरे शहर का मौसम"" एक ऐसा काव्य संग्रह है, जो दिल की गहराइयों से निकले उन एहसासों को समेटे हुए है, जिन्हें हम रोज़मर्रा की भागदौड़ में अनदेखा कर देते हैं। यह संग्रह शहर की गलियों, बदलते मौसम, टूटते-बनते रिश्तों और नर्म एहसासों की कविताओं से बुना गया है। हर कविता में कहीं न कहीं आपका अपना कोई लम्हा छिपा होगा-कभी बचपन की धूप, कभी अकेलेपन की ठंडी हवा, तो कभी प्यार की बारिश। यह संग्रह आपको खुद से, अपने शहर से और अपने जज्बातों से फिर से जोड़ देगा।
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""हर शहर की एक धड़कन होती है, और हर मौसम उसकी एक कविता..."" ""मेरे शहर का मौसम"" एक ऐसा काव्य संग्रह है, जो दिल की गहराइयों से निकले उन एहसासों को समेटे हुए है, जिन्हें हम रोज़मर्रा की भागदौड़ में अनदेखा कर देते हैं। यह संग्रह शहर की गलियों, बदलते मौसम, टूटते-बनते रिश्तों और नर्म एहसासों की कविताओं से बुना गया है। हर कविता में कहीं न कहीं आपका अपना कोई लम्हा छिपा होगा-कभी बचपन की धूप, कभी अकेलेपन की ठंडी हवा, तो कभी प्यार की बारिश। यह संग्रह आपको खुद से, अपने शहर से और अपने जज्बातों से फिर से जोड़ देगा।
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