Parsa ke Phool
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" परसा के फूल " मेरी प्रथम छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह है | इसमें मैंने 53 कविताओं का समावेश किया है| इसमें छत्तीसगढ़ के तीज - त्योहार , लोग - परंपरा , हाना,रहन - सहन, प्रकृति इत्याधि बातो को मैने उकेरने का प्रयास किया है | मैने अपने आस - पास जैसे देखा वैसे ही ब्याप्त आचार - विचार , रहन - सहन , अच्छाई - बुराई तथा इन्हें कैसे दूर करे इन सभी बातो को दर्शाने का प्रयास किया है | आशा है मेरी कविता संग्रह मेरी रचनाओं से एक अच्छा संदेश देने में सफल हो सकेगी तथा आपको अवश्य ही पसंद आएगी ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है |
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" परसा के फूल " मेरी प्रथम छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह है | इसमें मैंने 53 कविताओं का समावेश किया है| इसमें छत्तीसगढ़ के तीज - त्योहार , लोग - परंपरा , हाना,रहन - सहन, प्रकृति इत्याधि बातो को मैने उकेरने का प्रयास किया है | मैने अपने आस - पास जैसे देखा वैसे ही ब्याप्त आचार - विचार , रहन - सहन , अच्छाई - बुराई तथा इन्हें कैसे दूर करे इन सभी बातो को दर्शाने का प्रयास किया है | आशा है मेरी कविता संग्रह मेरी रचनाओं से एक अच्छा संदेश देने में सफल हो सकेगी तथा आपको अवश्य ही पसंद आएगी ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है |
" परसा के फूल " मेरी प्रथम छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह है | इसमें मैंने 53 कविताओं का समावेश किया है| इसमें छत्तीसगढ़ के तीज - त्योहार , लोग - परंपरा , हाना,रहन - सहन, प्रकृति इत्याधि बातो को मैने उकेरने का प्रयास किया है | मैने अपने आस - पास जैसे देखा वैसे ही ब्याप्त आचार - विचार , रहन - सहन , अच्छाई - बुराई तथा इन्हें कैसे दूर करे इन सभी बातो को दर्शाने का प्रयास किया है | आशा है मेरी कविता संग्रह मेरी रचनाओं से एक अच्छा संदेश देने में सफल हो सकेगी तथा आपको अवश्य ही पसंद आएगी ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है |
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