उबलते पानी के मेंढ़क, समसामयिक घटनाओं एवं ज्वलंत मुद्दों पर लेखक के विचारों से अवगत कराती इक्कीस कविताओं का संग्रह है। रोज़मर्रा की सरल भाषा में लिखी कविताओं में हर उम्र का पाठक अपने आप को वर्णित होता देखता है। कहीं ना कहीं उसके अपने जीवन में घटी परिस्थितियों का वर्णन होता देख, पाठक बार-बार इन कविताओं को गुनगुनाता है, जीता है, ओर आने वाले कल को बेहतर बनाने की कल्पना करता है।
Prijshistorie
* Prijshistorie bevat geen data van Amazon.
Prijzen voor het laatst bijgewerkt op: