Upasna
Uitgelicht
|
1,38 |
Naar shop
|
|
19,99 |
Naar shop
|
Beschrijving
Bol
*मेरा काव्यात्मक परिचय* अग्रवाल में जन्म लिया है, कंसल गोत्र परिवार। माता थीं श्रीमती मिथलेश हमारी पिता हैं श्री राजेन्द्र कुमार । जन्म स्थल है जहांगीराबाद, जिला बुलंदशहर नाम। शिकारपुर में व्याही गयी मैं, पति श्री नीरज मित्तल नाम। M.A तक मैने शिक्षा पाई,(समाजशास्त्र) तीन बहन और एक है भाई। पढ़ने का था शौक बड़ा, लेकिन आगे पढ़ नही पाई। सर्टिफिकेट में है नाम प्रमिला, ससुराल में मानसी नाम मिला। तीन बेटियों के साथ में, सबका पूरा प्यार मिला। ईश्वर की कृपा से अब मैं भजन गीत लिख पाई हूँ। पत्र ,पत्रिका, और मंचों से सम्मान बहुत ही पाई हूँ। धन्यवाद बचपन से भजन , काव्यात्मक रचना , लेखन , में रुचि। इससे भिन्न -- चित्रकला, पेंटिग ,पैकिंग, सिलाई आदि में भी रुचि रही है। विभिन्न पत्रों व पत्रिकाओं में ८० से अधिक प्रकाशित भजन व रचनाएँ और ५०से अधिक सम्मानित पत्र । फेसबुक पर ''बांकेबिहारी'' पेज भक्तों द्वारा भी पसन्द किया गया। ''उपासना'' मेरी पहली प्रकाशित पुस्तक है।जिसमें मैंने कृष्ण भजन,शिव आराधना, माता रानी की भेंट, व भक्ति से ओतप्रोत काव्य रचनाओं को अलंकृत किया है। *निशदिन ध्यान धरें हम तेरा, सदा माँगते दया तुम्हारी। हस्त वरद रहे हम पर तेरा,अंतिम ख्वाहिश रहे यही हमारी।।*
*मेरा काव्यात्मक परिचय* अग्रवाल में जन्म लिया है, कंसल गोत्र परिवार। माता थीं श्रीमती मिथलेश हमारी पिता हैं श्री राजेन्द्र कुमार । जन्म स्थल है जहांगीराबाद, जिला बुलंदशहर नाम। शिकारपुर में व्याही गयी मैं, पति श्री नीरज मित्तल नाम। M.A तक मैने शिक्षा पाई,(समाजशास्त्र) तीन बहन और एक है भाई। पढ़ने का था शौक बड़ा, लेकिन आगे पढ़ नही पाई। सर्टिफिकेट में है नाम प्रमिला, ससुराल में मानसी नाम मिला। तीन बेटियों के साथ में, सबका पूरा प्यार मिला। ईश्वर की कृपा से अब मैं भजन गीत लिख पाई हूँ। पत्र ,पत्रिका, और मंचों से सम्मान बहुत ही पाई हूँ। धन्यवाद बचपन से भजन , काव्यात्मक रचना , लेखन , में रुचि। इससे भिन्न -- चित्रकला, पेंटिग ,पैकिंग, सिलाई आदि में भी रुचि रही है। विभिन्न पत्रों व पत्रिकाओं में ८० से अधिक प्रकाशित भजन व रचनाएँ और ५०से अधिक सम्मानित पत्र । फेसबुक पर ''बांकेबिहारी'' पेज भक्तों द्वारा भी पसन्द किया गया। ''उपासना'' मेरी पहली प्रकाशित पुस्तक है।जिसमें मैंने कृष्ण भजन,शिव आराधना, माता रानी की भेंट, व भक्ति से ओतप्रोत काव्य रचनाओं को अलंकृत किया है। *निशदिन ध्यान धरें हम तेरा, सदा माँगते दया तुम्हारी। हस्त वरद रहे हम पर तेरा,अंतिम ख्वाहिश रहे यही हमारी।।*
Productspecificaties
| EAN |
|
|---|---|
| Maat |
|
Prijshistorie
* Prijshistorie bevat geen data van Amazon.
Prijzen voor het laatst bijgewerkt op: